फास्ट रिलीफ चैरिटेबल टीम (FRCT) की नियमावली
1. फास्ट रिलीफ चैरिटेबल टीम की स्थापना 31 अक्टूबर 2024 ई0 को समाज के उच्च पदस्थ से लेकर अंतिम व्यक्ति तक तीव्र आर्थिक/शैक्षिक/न्यायिक/सामाजिक राहत पहुंचाने के लिए हुई है। शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत विभाग, सिंचाई विभाग, जल निगम विभाग, राजस्व विभाग, ग्राम्य विकास अभिकरण विभाग, परिवहन विभाग, रेल विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, विद्युत विभाग, बैंक, पुलिस, होमगार्ड, कलेक्ट्रेट विभाग इत्यादि अन्य समस्त विभागों के सरकारी/संविदा/आउटसोर्सिंग कर्मचारी अधिकारी FRCT की सदस्यता ले सकते हैं। वित्तविहीन विद्यालय/कॉलेज/मदरसा के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं प्रबंधक FRCT की सदस्यता ले सकते हैं। प्राइवेट सेक्टर में कार्यरत समस्त कर्मचारी, अधिकारी, एडवोकेट, मीडियाकर्मी, प्रबंधक, डॉक्टर, इंजीनियर, नर्स FRCT की सदस्यता ले सकते हैं। किसान, मजदूर, व्यवसाई, कारीगर, गृहिणी, छात्र छात्राएं FRCT की सदस्यता ले सकते हैं। FRCT व्यवसाय-पेशा की भावना से ऊपर उठकर आर्थिक मदद कराता है। FRCT की सदस्यता हेतु प्रदेश का स्थाई निवासी होना या उत्तर प्रदेश में सरकारी/प्राइवेट किसी पद पर कार्यरत होना अनिवार्य है। सदस्यता प्राप्त करने की उम्रसीमा 18 वर्ष से लेकर 55 वर्ष तक रहेगा जबकि एक बार सदस्य बन जाने के उपरांत 60 वर्ष उम्र तक सदस्यता बनाए रखने की अनुमति है। सदस्यों की 60 वर्ष उम्र पूरा होते ही स्वतः सदस्यता समाप्त हो जाएगी। समस्त नियमों व शर्तों के अनुसार frctup.com वेबसाइट के माध्यम से रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरके सदस्यता लिया जा सकता है। समस्त सदस्यों को वार्षिक 50 रूपए "फास्ट रिलीफ चैरिटेबल ट्रस्ट" को दान देना अनिवार्य है।
1(A) आज दिनांक 26/06/2025 से FRCT में सदस्यता प्राप्त करने की उम्र सीमा न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 60 वर्ष किया जा रहा है, जबकि एक बार सदस्य बन जाने के उपरांत 65 वर्ष उम्र तक सदस्यता बनाए रखने की अनुमति दी जा रही है। सदस्यों की 65 वर्ष उम्र पूरा होते ही स्वतः सदस्यता समाप्त हो जाएगी।
2. हर वर्ष ट्रस्ट को 50 रुपए वार्षिक दान देने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। अर्थात FRCT की वैधानिक सदस्यता बनाए रखने के लिए ट्रस्ट को वार्षिक दान दिए हुए 1 वर्ष पूरे होने के बाद 15 दिन के अंदर वार्षिक दान देकर अपने प्रोफाइल में ट्रांजेक्शन स्क्रीन शॉट अपलोड करना अनिवार्य होगा।
2. (A) (A) वार्षिक दान जमा करने के संबंध में 15 दिन की अतिरिक्त समय सीमा को बढ़ाकर 45 दिन किया जा रहा है। समस्त सदस्यों के लिए 15 दिन अतिरिक्त समय सीमा को बढ़ाकर 45 दिन किया गया है। निर्धारित समय सीमा में वार्षिक दान जमा नहीं करने वाले सदस्य की सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाएगी एवं "आकस्मिक निधन पर आर्थिक सहयोग योजना" में अपात्र कर दिया जाएगा। (संशोधन तिथि 15-11-2025)
3. सूचनाओं के आदान प्रदान हेतु आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप/टेलीग्राम ग्रुप में जुड़ कर सूचनाओं से अपडेट रहना होगा। सूचना के अभाव में यदि आपके वैधानिकता पर कोई प्रभाव पड़ा तो उसके जिम्मेदार आप स्वयं होंगे।
4. यदि FRCT के किसी वैधानिक सदस्य की असामयिक दुखद निधन हो जाती है तो FRCT से जुड़े शेष अन्य सभी सदस्य संस्थापक मंडल द्वारा नियमानुसार आधिकारिक आह्वान पर निर्धारित न्यूनतम धनराशि सीधे दिवंगत सदस्य के नॉमिनी के बैंक खाते में आर्थिक सहयोग भेजेंगे। आर्थिक सहयोग भेजकर वेबसाइट पर ट्रांजेक्शन डिटेल्स भरते हुए ट्रांजेक्शन रसीद अपलोड करना भी अनिवार्य है। वर्तमान में आर्थिक सहयोग प्रति सदस्य न्यूनतम 50 रूपए निर्धारित किया जा रहा है। सदस्य संख्या के अनुसार प्रति सदस्य न्यूनतम धनराशि घटाने का अधिकार संस्थापक मंडल के पास सुरक्षित रहेगा।
5. समस्त सदस्यों की लॉक इन पीरियड 8 माह रहेगा। लॉक इन पीरियड में जारी समस्त सहयोग करना अनिवार्य है। लॉक इन पीरियड 8 माह से तात्पर्य है कि यदि कोई सदस्य 1 जनवरी को नियमानुसार रजिस्ट्रेशन किया, यदि उसी वर्ष उसकी मृत्यु 30 अगस्त की रात 12 बजे से पूर्व तक हो जाती है तो उसके नॉमिनी को सहयोग प्राप्त नहीं होगा।
(A) 21 मार्च 2025 से सदस्यता लेने वाले सदस्यों के लिए लॉक इन पीरियड 10 माह किया जा रहा है। लॉक इन पीरियड में जारी समस्त सहयोग करना अनिवार्य है।
6. वैधानिक सदस्यता के लिए लॉक इन पीरियड तक के समस्त सहयोग करना अनिवार्य है एवं लॉक इन पीरियड के बाद कुल 90% सहयोग करना अनिवार्य है। सदस्यता से लेकर मृत्यु तिथि तक 2 वर्ष से अधिक समयांतराल की स्थिति में मृत्यु की तिथि से 2 वर्ष पूर्व के बीच हुए कुल सहयोग का 90% सहयोग होना चाहिए।
7. FRCT द्वारा सदस्यों की सुविधा हेतु हेल्पलाइन नंबर 9044756701 जारी किया गया है, जिस पर कॉल/व्हाट्सएप मैसेज के माध्यम से जानकारी का आदान प्रदान किया जा सकता है एवं तकनीकी सहायता प्राप्त किया जा सकता है।
8. संस्थापक मंडल वैधानिकता या किसी भी प्रकार के मामलों में जहां उचित समझेंगे अपने स्तर से परीक्षण करने व निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होंगे। कोई भी सदस्य/नॉमिनी आर्थिक सहयोग प्राप्त करने हेतु कानूनी दावा नहीं कर सकेगा, बल्कि टीम द्वारा वैधानिकता के संबंध में लिए गए निर्णय के आधार पर नैतिक रूप से आर्थिक सहयोग कराने का प्रयास किया जाएगा।
9. सहयोग के दौरान या उसके बाद यदि किसी सदस्य द्वारा गलती से अधिक राशि किसी सहयोग हो रहे/हो चुके नॉमिनी के खाते में भेज दिया तो उचित साक्ष्य प्रस्तुत करने पर नॉमिनी द्वारा वो धनराशि सीधे उस सदस्य के खाते में वापस करना पड़ेगा। गलती से भेजी हुई धनराशि को वापस कराने की गारंटी टीम नही लेगी किन्तु वापस करवाने हेतु सार्थक और पूर्ण प्रयास करेगी।
10. यदि किसी सदस्य द्वारा सदस्य बनने के बाद सहयोग नहीं किया गया या कुछ महीने/वर्षों सहयोग करने के बाद 1 या 1 से अधिक सहयोग छोड़ दिया, परिणामस्वरूप 90% सहयोग के दायरे में भी नहीं आता है या अवैधानिक हो जाता है, ऐसे स्थिति में लगातार 8 माह सहयोग करके और 8 माह का समय पूरा करके पुनः वैधानिक सदस्यता प्राप्त कर सकता है।
11. सदस्य द्वारा आत्महत्या की स्थिति में कोई आर्थिक सहयोग हेतु अपील नहीं की जाएगी। आत्महत्या के अलावा सभी तरह के मृत्यु पर आर्थिक सहयोग की अपील की जाएगी।
12. यदि सदस्य द्वारा बनाए गए नॉमिनी ने ही खुद सदस्य की हत्या की है तो ऐसे नॉमिनी को आर्थिक मदद नहीं किया जायेगा। ऐसे परिस्थिति में आवश्यकता पड़ने पर अपने स्वविवेक से संस्थापक मंडल दिवंगत सदस्य के यथोचित नॉमिनी का चयन करने के लिए स्वतंत्र होंगे।
13. FRCT सीधे दिवंगत सदस्य के नॉमिनी के खाते में आर्थिक सहयोग करवाती है इसलिए सहयोग प्राप्त करने हेतु किसी भी प्रकार की न्यायिक चुनौती देने का अधिकार किसी व्यक्ति या सदस्य के पास नहीं होगा।
14. कोई भी सदस्य FRCT के खिलाफ दुष्प्रचार या अफवाह फैलाता है, बिना साक्ष्य या आकड़े प्रस्तुत किए आरोप लगाता है तो टीम उसकी सदस्यता रद्द करने व विधिक कार्यवाही हेतु स्वतंत्र होगी।
15. FRCT के किसी पदाधिकारी के साथ कोई सदस्य अभद्र व्यवहार करते हुए या FRCT विरोधी गतिविधि में लिप्त पाया गया तो पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उक्त सदस्य की सदस्यता रद्द कर दी जाएगी।
16. ट्रस्ट को दिए गए वार्षिक 50 रुपए दान से निम्नलिखित कार्यों में खर्च किया जायेगा।
A. वेबसाइट के निर्माण और संचालन में
B. ऐप बनवाने और संचालन में
C. जिला और प्रदेश कार्यालय खर्च हेतु
D. जिला और प्रदेश हेल्पलाइन नंबर पर नियुक्त स्टाफ को मानदेय देने में
E. दिवंगत सदस्य के घर स्थलीय सत्यापन में
F. प्रचार प्रसार और सदस्यता अभियान में
G. समय समय पर नई तकनीकी लाने में ताकि प्रक्रिया पारदर्शी के साथ साथ आसान बन सके।
H. उत्तरप्रदेश के जरूरतमंद व्यक्तियों/छात्रों के हित में विभिन्न प्रकार का सहयोग करने में
17. यदि FRCT का कोई वैधानिक सदस्य अपनी उम्र सीमा 65 वर्ष आयु सफलतापूर्वक पूरा कर लेता है और इस कारण से उसकी FRCT की सदस्यता स्वतः समाप्त होती है तो उक्त सदस्य की 65 वर्ष उम्र के बाद जब भी (उम्र की कोई बाध्यता नहीं) दुखद निधन होता है तो ट्रस्ट के खाते से 20000 रूपए उक्त के नॉमिनी को अंतिम संस्कार के लिए आर्थिक सहयोग दिया जाएगा। अंतिम संस्कार के लिए निर्धारित अनुदान धनराशि 20000 रुपए ट्रस्ट में उपलब्ध बजट के आधार पर घट या बढ़ सकती है।
“किसी भी निर्णय की स्थिति में वेबसाइट पर अपलोड नियमावली की प्रति ही मान्य होगी।”
नोट- 1. भविष्य में FRCT के वैधानिक सदस्यों के लिए मार्ग दुर्घटना व गंभीर बीमारी के इलाज हेतु योजना और नियम बनाया जाएगा।
2. भविष्य में छात्रों के लिए उच्च शिक्षा/तकनीकी शिक्षा/सिविल सर्विसेज की पढ़ाई हेतु योजना और नियम बनाया जाएगा।
बेटी विवाह शगुन योजना की नियमावली
1. 23 फरवरी 2025 से "बेटी विवाह शगुन योजना" का शुभारंभ किया जा रहा है।
2. 23 फरवरी 2025 या 23 फरवरी 2025 के बाद रजिस्टर्ड सदस्यों के लिए लॉक इन पीरियड 12 माह निर्धारित है। स्थापना दिवस 31 अक्टूबर 2024 से 22 फरवरी 2025 तक रजिस्टर्ड सदस्यों के लिए लॉक इन पीरियड की बाध्यता हटाया जा रहा है।
(A) 21 मार्च 2025 से सदस्यता लेने वाले सदस्यों के लिए लॉक इन पीरियड 2 वर्ष किया जा रहा है। "बेटी विवाह शगुन योजना" में पात्रता के लिए लॉक इन पीरियड सिर्फ सदस्य का पूरा होना अनिवार्य है। सदस्य के बेटी का लॉक इन पीरियड पूरा होना अनिवार्य नहीं है।
(B) 22 अप्रैल 2025 से सदस्यता लेने वाले सदस्यों के लिए लॉक इन पीरियड 4 वर्ष किया जा रहा है।
(C) दिनांक 22/04/2025 से सदस्यता लेने वाले सदस्यों के लिए लॉक इन पीरियड 4 वर्ष किया गया था, जिसे आज दिनांक 26/06/2025 को निष्प्रभावी किया जा रहा है। अर्थात दिनांक 21/03/2025 से सदस्यता लेने वाले समस्त सदस्यों के लिए लॉक इन पीरियड 2 वर्ष किया जा रहा है।
3. सदस्य द्वारा सदस्यता तिथि से बेटी की विवाह तिथि तक इस योजना में 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य है। यदि सदस्य द्वारा बेटी विवाह शगुन योजना में 90% अवसरों पर सहयोग नहीं किया गया है तो आवेदन हेतु पात्र नहीं होगा।
4. इस योजना में पात्रता हेतु दिवंगत सदस्य के परिवार को सहयोग मामले में भी वैधानिक होना अनिवार्य है। FRCT का वैधानिक सदस्य ही बेटी विवाह शगुन योजना में पात्र है। जो सदस्य नियमानुसार दिवंगत सदस्य के नॉमिनी को सहयोग नहीं किया है वह सदस्य बेटी विवाह शगुन योजना में पात्र नहीं है।
5. बेटी विवाह शगुन योजना में लाभार्थी सदस्य द्वारा लाभ के बाद न्यूनतम 10 वर्ष तक बेटी विवाह शगुन योजना के 90% अवसरों पर आर्थिक सहयोग करना अनिवार्य है। यदि लाभार्थी बेटी विवाह शगुन योजना में आगामी 10 वर्षों तक 90% अवसरों पर सहयोग नहीं किया तो असामयिक निधन और गंभीर बीमारी इलाज आर्थिक मदद हेतु स्वतः अवैधानिक हो जाएगा। यदि बेटी विवाह शगुन योजना में लाभ प्राप्त करने के बाद लाभार्थी इस योजना में आगामी 10 वर्षों तक 90% अवसरों पर सहयोग नहीं किया तो उक्त लाभार्थी FRCT के समस्त आर्थिक लाभ योजना में स्वतः अपात्र हो जाएगा।
6. सदस्य के अधिकतम 2 जैविक पुत्रियां ही बेटी विवाह शगुन योजना में आर्थिक मदद हेतु पात्र हैं।
(A) यदि भाई अपने बहन की शादी में लाभार्थी है तो उक्त भाई अधिकतम 2 जैविक बहन या 2 जैविक बेटी या 1 जैविक बहन और 1 जैविक बेटी के विवाह में सहयोग प्राप्त करने हेतु पात्र है।
7. सदस्य के स्वयं के विवाह पर बेटी विवाह शगुन योजना लागू नहीं है
(A) यदि बेटी की जैविक माता-पिता दोनों जीवित नहीं हैं और बेटी की कोई जैविक भाई भी नहीं है तो बेटी स्वयं के विवाह पर बेटी विवाह शगुन योजना में सहयोग प्राप्त कर सकती है। बेटी (न्यूनतम उम्र 18 वर्ष) को सदस्य बनकर 2 वर्ष का लॉक इन पीरियड पूरा करना है। बेटी को सदस्य के रूप में सदस्यता तिथि से विवाह तिथि तक लगातार "बेटी विवाह शगुन योजना" व "आकस्मिक निधन" दोनों में अलग अलग न्यूनतम 90% अवसरों पर सहयोग करना है। यह नियम दिनांक 01/01/2026 से लागू है।
।8. यदि पति पत्नी दोनों सदस्य हैं तो पति पत्नी में से कोई एक ही इस योजना में लाभ के पात्र हैं। अर्थात पति पत्नी दोनों में से कोई एक ही "बेटी विवाह शगुन योजना" में लाभ हेतु आवेदन कर सकेगा।
9. बेटी विवाह शगुन योजना में आवेदन हेतु सदस्य के जिस बेटी की विवाह के लिए मदद होना है वह बेटी भी FRCT का सदस्य जरूर होना चाहिए। ऐसा इसलिए कि कोई सदस्य अपनी बेटी का विवाह 18 वर्ष उम्र से पूर्व न करे ताकि बाल विवाह पर भी रोक लगे।
(A) 21 मार्च 2025 से सदस्यता लेते समय यदि सदस्य की बिटिया 18 वर्ष उम्र पूरा कर चुकी है तो बिटिया का सदस्य बनना और "बेटी विवाह शगुन योजना" में 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य किया जा रहा है। सदस्यता लेते समय यदि सदस्य की बिटिया की उम्र 18 वर्ष नहीं पूरा है तो जैसे ही बेटी 18 वर्ष पूरा करती है तो बिटिया का सदस्य बनना और "बेटी विवाह शगुन योजना" में 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य किया जा रहा है।
(B)21 मार्च 2025 से सदस्यता लेने वाले सदस्यों के लिए नियमानुसार यदि सदस्यता लेते समय सदस्य की बेटी 18 वर्ष उम्र पूरा नहीं की है तो बेटी की उम्र 18 वर्ष पूरा होते ही सदस्य बनना है और "बेटी विवाह शगुन योजना" व "आकस्मिक निधन" में अलग अलग न्यूनतम 90% अवसरों पर सहयोग भी करना है, किन्तु यदि किसी कारण से बेटी 18 वर्ष उम्र पूरा होते ही सदस्य नहीं बन पाई तो बेटी को 18 वर्ष उम्र पूरा होने के अगले 6 माह बाद तक अनिवार्य रूप से सदस्य बन जाना है और सहयोग शुरू कर देना है। यदि सदस्यता लेते समय सदस्य की बेटी की उम्र 18 वर्ष या 18 वर्ष से अधिक की है तो नियमानुसार सदस्य के साथ ही बेटी को भी सदस्य बनना और "बेटी विवाह शगुन योजना" व "आकस्मिक निधन" में अलग अलग न्यूनतम 90% अवसरों पर सहयोग करना अनिवार्य है, किंतु यदि किसी कारण से सदस्य के साथ बेटी उसी दिन सदस्य नहीं बन पाई तो बेटी को अगले 6 माह बाद तक अनिवार्य रूप से सदस्य बन जाना है और सहयोग शुरू कर देना है। अर्थात बेटी को सदस्य बनने और सहयोग शुरू करने के लिए 6 माह का ग्रेस पीरियड (अतिरिक्त समय) दिया जा रहा है। यह नियम 21 मार्च 2025 से लागू किया जा रहा है।
10. बेटी विवाह शगुन योजना में प्रति सदस्य अधिकतम 11 रुपए तक का आर्थिक सहयोग निर्धारित है। परिस्थिति अनुसार यह निर्धारित धनराशि घटाया जाएगा।
11. FRCT का जो सदस्य बेटी विवाह शगुन योजना में आर्थिक मदद नहीं करता है उसकी आकस्मिक निधन पर आर्थिक सहयोग योजना वैधानिकता प्रभावित नहीं होगी। आकस्मिक निधन पर आर्थिक सहयोग योजना वैधानिकता के लिए दिवंगत सदस्य के परिवार को नियमानुसार आर्थिक मदद करना अनिवार्य है।
12. FRCT सीधे बेटी के पिता के खाते में सहयोग करवाती है इसलिए सहयोग प्राप्त करने हेतु किसी भी प्रकार की न्यायिक या कानूनी चुनौती देने का अधिकार किसी व्यक्ति या सदस्य के पास नहीं है। बेटी विवाह शगुन योजना में सहयोग प्राप्त करना सिर्फ नैतिक अधिकार है, कानूनी अधिकार नहीं है।
13. "बेटी विवाह शगुन योजना" में विवाह तिथि से 15 दिन पूर्व आवेदन करना अनिवार्य है। ऐसा इसलिए कि स्थलीय सत्यापन और आर्थिक सहयोग कराने के लिए कम से कम 15 दिन का समय चाहिए।
(A) बेटी विवाह शगुन योजना" में आर्थिक सहयोग प्राप्त करने के लिए विवाह तिथि से 30 दिन पूर्व आवेदन करना अनिवार्य है। यह नियम 22 अप्रैल 2025 से लागू है।
14. यदि बेटी की माता-पिता दोनों जीवित नहीं हैं तो बेटी की जैविक भाई (न्यूनतम उम्र 18 वर्ष) खुद FRCT में रजिस्ट्रेशन करेगा और निर्धारित लॉक इन पीरियड पूरा करके सदस्यता तिथि से विवाह तिथि तक "बेटी विवाह शगुन योजना" में 90% अवसरों पर सहयोग करके अपनी बहन की विवाह में सहयोग प्राप्त करने हेतु पात्र होगा। उक्त अनाथ बेटी की उम्र यदि 18 वर्ष पूरा नहीं है तो 18 वर्ष पूरा होते ही सदस्य बनना और "बेटी विवाह शगुन योजना" में 90% अवसरों पर सहयोग करना दोनों अनिवार्य रहेगा। विवाह में सहयोग हेतु आवेदन के समय जैविक भाई-बहन होने का प्रमाण एवं माता-पिता दोनों के मृत्यु का प्रमाण देना होगा। यह नियम दिनांक 26/06/2025 से लागू है।
15. यदि बेटी की माता-पिता दोनों जीवित नहीं हैं तो बेटी की जैविक भाई (न्यूनतम उम्र 18 वर्ष) खुद FRCT में रजिस्ट्रेशन करेगा और निर्धारित लॉक इन पीरियड पूरा करके सदस्यता तिथि से विवाह तिथि तक "बेटी विवाह शगुन योजना" में 90% अवसरों पर सहयोग करके अपनी बहन की विवाह में सहयोग प्राप्त करने हेतु पात्र होगा। उक्त अनाथ बेटी की उम्र यदि 18 वर्ष पूरा नहीं है तो 18 वर्ष पूरा होते ही सदस्य बनना और "बेटी विवाह शगुन योजना" में 90% अवसरों पर सहयोग करना दोनों अनिवार्य रहेगा। विवाह में सहयोग हेतु आवेदन के समय जैविक भाई-बहन होने का प्रमाण एवं माता-पिता दोनों के मृत्यु का प्रमाण देना होगा। यह नियम दिनांक 26/06/2025 से लागू है।
16माता या पिता अपनी बेटी की शादी में सहयोग प्राप्त करने के उद्देश्य से सदस्य बनकर नियमानुसार लगातार सहयोग कर रहे हैं। यदि सदस्य (पिता) की मृत्यु बेटी की शादी से पहले हो जाती है तो मृत्यु उपरांत माता सदस्य बनेगी, इस परिस्थिति में लॉक इन पीरियड सदस्य (पिता) के सदस्यता तिथि से जोड़ा जाएगा। इसी प्रकार सदस्य (माता) की मृत्यु होने पर पिता सदस्य बनेंगे, इस परिस्थिति में लॉक इन पीरियड सदस्य (माता) की सदस्यता तिथि से जोड़ा जाएगा। यदि "आकस्मिक निधन योजना" की लॉक इन पीरियड पूरा करने के बाद सदस्य (माता या पिता) की मृत्यु होती है तो इस परिस्थिति में नियमावली क्रम संख्या 16 लागू नहीं होगा।